सलेमपुर (देवरिया)। स्थानीय नगर के शिक्षा क्षेत्र में अग्रणी विद्यालय जी.एम. एकेडमी के प्रांगण में हिंदी दिवस समारोह बहुत ही उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर हिंदी के रंग में रंगा नजर आया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य मोहन द्विवेदी ने दीप प्रज्वलित कर किया।

दीप प्रज्वलन और स्वस्तिवाचन से हुआ शुभारंभ
दीप प्रज्वलन के बाद शिवांग पांडेय आदि विद्यार्थियों ने स्वस्तिवाचन प्रस्तुत कर कार्यक्रम को मंगलमय बना दिया। इसके बाद जया शुक्ला ने सुंदर भजन पर मनोहारी नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। विद्यालय परिसर में बच्चों की प्रस्तुतियों पर तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी।
नन्हे-मुन्नों ने बिखेरी प्रतिभा की छटा
आदित्य यादव, शिवांगी यादव, महिमा, खुशी सिंह, प्रतिष्ठा द्विवेदी तथा विद्यालय के अनेकों नन्हे-मुन्ने बच्चों ने हिंदी भाषा के विकास और महत्व पर अपने विचार प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने कहा कि हिंदी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, संस्कार और भावनाओं से जुड़ी मातृभाषा है। बच्चों की शानदार प्रस्तुतियों ने पूरे कार्यक्रम को आकर्षक बना दिया।
हिंदी अध्यापकों ने रखी अपनी बात
इस अवसर पर विद्यालय के हिंदी अध्यापक ज्ञानेंद्र मिश्र ने हिंदी को संस्कृति और संस्कार की भाषा बताते हुए कहा कि हिंदी हमारी परंपराओं और जीवन मूल्यों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है।

हिंदी अध्यापक धर्मेंद्र मिश्र ने हिंदी को सरल और सुबोध भाषा बताते हुए कहा कि इसके सहज स्वरूप को जन-जन तक पहुंचाने के लिए दैनिक जीवन में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देना जरूरी है।
विद्यालय के अध्यापक एस.के. गुप्ता ने मातृभाषा के रूप में हिंदी की भूमिका पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मातृभाषा व्यक्ति की भावनाओं और विचारों को सबसे सहज रूप से अभिव्यक्त करने का माध्यम होती है।
समारोह में वक्ताओं ने हिंदी के गौरवशाली इतिहास, सांस्कृतिक महत्व और वर्तमान समय में इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से हिंदी के प्रति सम्मान और गौरव का संदेश दिया।

प्रधानाचार्य ने किया हिंदी अध्यापकों का सम्मान
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य मोहन द्विवेदी ने हिंदी अध्यापकों को अंगवस्त्रम और पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि हिंदी हमारी पहचान और संस्कारों की भाषा है, इसलिए इसके सम्मान और विकास के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी मातृभाषा हिंदी के प्रति सदैव सम्मान बनाए रखने और अधिकाधिक हिंदी का प्रयोग करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में डी. मिश्रा, जी.के. मिश्र, प्रियंका, अनीता पांडेय, अंकिता मिश्रा, चंद्रप्रकाश, प्रीती सिंह आदि समस्त हिंदी अध्यापक-अध्यापिकाओं को सम्मानित किया गया।
मेधा मिश्रा और संजना चौधरी ने संभाला संचालन
कार्यक्रम का संचालन मेधा मिश्रा और संजना चौधरी ने संयुक्त रूप से किया। उनके प्रभावी संचालन से पूरा कार्यक्रम आकर्षक और व्यवस्थित बना रहा। समारोह में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों की सहभागिता रही।
ज्ञान, संस्कार और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का संगम बना समारोह
हिंदी दिवस का आयोजन विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, संस्कार और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का सुंदर संगम बन गया। विद्यालय परिसर में पूरे कार्यक्रम के दौरान हिंदी के महत्व और गौरव की चर्चा होती रही। अंत में प्रधानाचार्य ने सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए हिंदी भाषा की समृद्धि और विकास के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प दिलाया।


इस अवसर पर बच्चों की प्रतिभा और शिक्षकों के मार्गदर्शन का सुंदर समन्वय देखने को मिला। हिंदी दिवस समारोह उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
