सलेमपुर, देवरिया। सीबीएसई के तत्वावधान में जी. एम. एकेडमी, सलेमपुर में वैल्यू एजुकेशन विषय पर क्षमता निर्माण कार्यक्रम (Capacity Building Programme) का आयोजन किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य मोहन द्विवेदी के नेतृत्व में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यालय के 40 शिक्षकों सहित आसपास के विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने प्रतिभाग किया।

दीप प्रज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य मोहन द्विवेदी एवं संसाधन विशेषज्ञों डिवाइन पब्लिक स्कूल, गोरखपुर के उप-प्रधानाचार्य सुशील कुमार मिश्रा तथा आर्मी पब्लिक स्कूल, गोरखपुर की स्कूल काउंसलर डॉ. लक्ष्मी कुमारी शर्मा ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया। इसके बाद शिक्षकों ने अपने अनुभवों के आधार पर दस महत्वपूर्ण जीवन मूल्यों की सूची तैयार की।

शिक्षा के साथ संस्कार और नैतिक मूल्यों पर दिया जोर
प्रशिक्षण के दौरान सुशील कुमार मिश्रा ने कहा कि वैल्यू एजुकेशन केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे अपने जीवन, व्यवहार और कार्यशैली में अपनाना आवश्यक है। शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जिम्मेदार, संवेदनशील, अनुशासित और संस्कारवान नागरिक बनाना भी है।

उन्होंने सत्यनिष्ठा, ईमानदारी, सहयोग, सहानुभूति, सम्मान, जिम्मेदारी एवं समय की पाबंदी जैसे मूल्यों को शिक्षण प्रक्रिया का हिस्सा बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक अपने आचरण और व्यवहार से विद्यार्थियों के सामने आदर्श प्रस्तुत कर सकते हैं। नैतिक कहानियों, समूह गतिविधियों, रोल प्ले और वास्तविक जीवन के उदाहरणों के माध्यम से बच्चों में सकारात्मक सोच विकसित की जा सकती है।

परिवार, विद्यालय और समाज की भूमिका महत्वपूर्ण : लक्ष्मी शर्मा
लक्ष्मी कुमारी शर्मा ने कहा कि मूल्य शिक्षा कोई ऐसा विषय नहीं है, जिसे केवल रटकर सीखा जा सके। इसे पहले स्वयं के व्यवहार में अपनाना जरूरी है। उन्होंने बच्चों के चरित्र निर्माण में परिवार, विद्यालय और समाज की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। साथ ही शिक्षकों की विभिन्न जिज्ञासाओं एवं शंकाओं का सहज और तार्किक तरीके से समाधान किया।

रचनात्मक गतिविधियों से कराया जीवन मूल्यों का अनुभव
प्रशिक्षण को रोचक एवं प्रभावशाली बनाने के लिए कई रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की गईं। ‘नंबर प्ले’ चार्ट पेपर गेम के माध्यम से शिक्षकों को अलग-अलग मार्ग तलाशने का कार्य दिया गया। इसके अलावा विभिन्न समूहों में विभाजित शिक्षकों ने मंच पर नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से अलग-अलग जीवन मूल्यों का प्रदर्शन किया। शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अपनी रचनात्मकता और अभिनय कौशल से मूल्यों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
वैल्यू एजुकेशन से संबंधित लघु वीडियो भी प्रदर्शित किए गए, जिनके माध्यम से शिक्षकों को उनमें निहित शैक्षिक एवं नैतिक मूल्यों की पहचान करने का अवसर मिला। कार्यक्रम के अंतिम चरण में शिक्षिकाओं ने मूल्य आधारित गीत प्रस्तुत किए। इसके बाद सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने एक पंक्ति में विद्यालय परिसर का चक्कर लगाते हुए तालियों के साथ गीतों का अनुकरण किया।

मुन्ना चौहान की आकर्षक रंगोली बनी आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम को यादगार बनाने में विद्यालय के कला शिक्षक मुन्ना चौहान का विशेष योगदान रहा। उन्होंने विद्यालय परिसर में बेहद सुंदर एवं आकर्षक रंगोली बनाई, जिसने उपस्थित शिक्षकों एवं संसाधन विशेषज्ञों का मन मोह लिया।
विद्यालय प्रबंधन ने की उत्कृष्ट व्यवस्था

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान विद्यालय प्रबंधन की ओर से शिक्षकों एवं अतिथियों के लिए भोजन सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उत्कृष्ट ढंग से की गईं। समय-समय पर आवश्यक मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया गया।
शिक्षकों ने जताया आभार, बेहतर नागरिक निर्माण का लिया संदेश
कार्यक्रम के समापन पर सभी शिक्षकों ने इस सराहनीय पहल के लिए प्रधानाचार्य मोहन द्विवेदी एवं विद्यालय प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया। यह प्रशिक्षण शिक्षकों के व्यावसायिक विकास के साथ-साथ विद्यार्थियों में नैतिक, सामाजिक एवं मानवीय मूल्यों के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को एक बेहतर इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है।
