श्री कृष्ण का जीवन धर्मरक्षा और अपने कर्तव्य का ईमानदारी से पालन का देता है संदेश– मोहन द्विवेदी
सलेमपुर (देवरिया)। सलेमपुर नगर पंचायत के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान जी. एम. एकेडमी, सलेमपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर में नन्हे-मुन्ने बच्चों से लेकर कक्षा बारहवीं तक के छात्र-छात्राओं ने भगवान श्रीकृष्ण और राधा के जीवन एवं लीलाओं पर आधारित मनमोहक नृत्य, गीत, भजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
जन्माष्टमी को लेकर विद्यार्थियों में दिखा उत्साह
जन्माष्टमी के पावन पर्व को लेकर विद्यालय के छात्र-छात्राओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। विद्यालय परिसर में कृष्ण भक्ति, संगीत और नृत्य की त्रिवेणी देखने को मिली। बच्चों ने अपनी प्रतिभा, अनुशासन और रचनात्मकता का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कार्यक्रम में चार-चांद लगा दिए।


दीप प्रज्ज्वलन एवं मां सरस्वती की पूजा से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य मोहन द्विवेदी ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर तथा दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना कर विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और सफलता के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया।
नन्हे-मुन्ने बच्चों ने कृष्ण-राधा की लीलाओं को किया जीवंत
कार्यक्रम के प्रथम चरण में नर्सरी से कक्षा चौथी तक के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने श्रीकृष्ण एवं राधा के प्रसंगों पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। छोटे बच्चों की मासूम अदाओं, आकर्षक वेशभूषा और मनमोहक नृत्य ने सभी का मन मोह लिया।
नर्सरी और एल.के.जी. के विद्यार्थियों के समूह ने ‘अरे रे मेरी जान है राधा’ गीत पर सुंदर समूह नृत्य प्रस्तुत किया। आर्यन एवं उनके समूह की प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा।


एल.के.जी. एवं कक्षा पहली के विद्यार्थियों की ओर से चैत्राली एवं उसके समूह ने ‘राधा नाचेगी’ गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। इसके बाद कक्षा तीसरी ‘ए’ की छात्रा श्रेयांशी ने ‘राधा कैसे न जले’ गीत पर एकल नृत्य प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कक्षा दूसरी की नाव्या एवं उसके समूह ने ‘वो कृष्ण है’ गीत पर तो कक्षा चौथी ‘ए’ की छात्रा प्रियांशी तिवारी ने ‘मेरे बांके बिहारी’ गीत पर एकल नृत्य प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
कक्षा तीसरी एवं चौथी की साक्षी एवं उसके समूह ने ‘राधा गोरी-गोरी’ गीत पर समूह नृत्य प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं।
नन्हे-मुन्ने बच्चों के कार्यक्रम का संचालन सृष्टि एवं श्वेतराज ने किया।
वरिष्ठ विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम के दूसरे चरण में कक्षा पांचवीं से बारहवीं तक के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार श्रृंखला प्रस्तुत कर समारोह में चार-चांद लगा दिए। बड़े विद्यार्थियों ने नृत्य, भजन और भक्तिमय प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रीकृष्ण की भक्ति, प्रेम, करुणा और आध्यात्मिक संदेश को जीवंत कर दिया।
कक्षा पांचवीं एवं छठी ‘ए’ के विद्यार्थियों ने ‘श्यामा आन बसो’ पर सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों की सुंदर वेशभूषा, भाव-भंगिमा और तालमेल ने दर्शकों को खूब आकर्षित किया।


कक्षा पांचवीं ‘ए’ के विद्यार्थियों ने ‘राधा गोरी-2’ एवं ‘बांके बिहारी लाल’ पर नृत्य प्रस्तुत कर कृष्ण-राधा की भक्ति और प्रेम की मनोहारी छटा बिखेरी।
कक्षा छठी ‘बी’ के विद्यार्थियों ने ‘श्रीकृष्ण गोविंदा हरे मुरारी’ भजन की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
आस्था मिश्रा के तांडव नृत्य ने बटोरी खूब तालियां
कक्षा छठी ‘ए’ की छात्रा आस्था मिश्रा ने ‘अयि गिरि नंदिनी’ पर प्रभावशाली तांडव नृत्य प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति में ऊर्जा, भाव और लय का अद्भुत समन्वय देखने को मिला, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
कृष्ण-राधा के प्रेम को नृत्य के माध्यम से किया अभिव्यक्त
कक्षा नौवीं ‘ए’, ‘बी’ एवं ‘सी’ की छात्राओं ने ‘राधा कैसे न जले’ पर सामूहिक नृत्य प्रस्तुत कर श्रीकृष्ण और राधा के प्रेम एवं भावनाओं को अपनी प्रस्तुति के माध्यम से अभिव्यक्त किया।


कक्षा छठी ‘ए’ एवं ‘बी’ की छात्राओं साक्षी यादव एवं सपना यादव ने ‘गोकुल की राधा चली’ गीत पर सुंदर नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
भजन संध्या ने विद्यालय परिसर को बनाया भक्तिमय
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ आयोजित भजन संध्या में विद्यार्थियों ने एक से बढ़कर एक मधुर भजनों की प्रस्तुति दी। कक्षा छठी ‘ए’ की ओर से ‘राधे कौन से पुण्य किया’, कक्षा छठी ‘बी’ द्वारा ‘जन्मे हैं गोकुल में कृष्ण कन्हैया’, कक्षा पांचवीं ‘ए’ द्वारा ‘यदुनाथ का नाम दयानिधि’ तथा कक्षा ग्यारहवीं ‘बी’ द्वारा ‘अरे द्वारपालों’ भजन प्रस्तुत किया गया।
अनन्या और मेधा के संचालन ने कार्यक्रम में भरा जोश
वरिष्ठ छात्रों के कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के वरिष्ठ अध्यापक एस.के. गुप्ता के कुशल मार्गदर्शन में कक्षा 11 की छात्राओं अनन्या दीक्षित और मेधा मिश्रा ने बड़े ही आकर्षक, ऊर्जावान एवं प्रभावशाली अंदाज में किया। तीनों ने अपनी दमदार प्रस्तुति, मधुर संवाद शैली और उत्साहपूर्ण मंच संचालन से पूरे वातावरण में जोश और उमंग भर दी।

उनके आत्मविश्वास से भरे अंदाज ने न केवल कार्यक्रम को जीवंत बना दिया, बल्कि उपस्थित विद्यार्थियों और दर्शकों को भी तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उत्साहवर्धन करने के लिए प्रेरित किया।
कृष्ण भक्ति में डूबा विद्यालय परिसर
इन भक्तिमय प्रस्तुतियों से विद्यालय परिसर में ऐसा वातावरण बन गया मानो पूरा परिसर श्रीकृष्ण की भक्ति में डूब गया हो। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने प्रस्तुतियों का उत्साहपूर्वक आनंद लिया।
श्रीकृष्ण के जीवन से सत्य, धर्म और कर्तव्य की सीख लेने का आह्वान
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य मोहन द्विवेदी ने विद्यार्थियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की महत्ता बताते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि मानव जीवन के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का स्रोत है। श्रीकृष्ण ने अपने जीवन और श्रीमद्भगवद्गीता के संदेश के माध्यम से मनुष्य को सत्य के मार्ग पर चलने, धर्म की रक्षा करने और अपने कर्तव्य का ईमानदारी से पालन करने की प्रेरणा दी।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से सत्य, धर्म, कर्म, प्रेम, करुणा, धैर्य और कर्तव्यनिष्ठा की शिक्षा ग्रहण करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने जीवन में अच्छे संस्कारों को अपनाते हुए समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए।
प्रतिभागी विद्यार्थियों और शिक्षकों की सराहना
प्रधानाचार्य ने कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी छात्र-छात्राओं, कार्यक्रम का संचालन करने वाली छात्राओं तथा शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों ने अपनी प्रतिभा और मेहनत से इस आयोजन को यादगार बना दिया।
उन्होंने विद्यालय परिवार की ओर से सभी छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की कृपा सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सद्भाव लेकर आए तथा सभी विद्यार्थी अपने जीवन में सफलता के शिखर तक पहुंचें।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का संदेश
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भगवान विष्णु के आठवें अवतार भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई, अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का संदेश देता है। भगवान श्रीकृष्ण का जीवन प्रेम, मित्रता, नीति, साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है।
25 फीट ऊंची मटकी फोड़ ने बढ़ाया उत्साह
जी. एम. एकेडमी में आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल विद्यार्थियों की कलात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान किया, बल्कि उन्हें भारतीय संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का भी महत्वपूर्ण कार्य किया। विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा आयोजित 25 फीट ऊंची मटकी फोड़ कार्यक्रम की सभी ने खूब प्रशंसा की।

बच्चों की शानदार प्रस्तुतियों, भजनों, नृत्य और भक्तिमय वातावरण के साथ जन्माष्टमी समारोह विद्यालय परिवार के लिए एक यादगार आयोजन बन गया।
