अंतर्राष्ट्रीय हिंदी ओलंपियाड 2025 के परिणाम घोषित होते ही विद्यालय परिवार में उत्साह का माहौल बन गया। जी एम एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्र-छात्राओं ने इस प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए यह साबित कर दिया कि मेहनत और सही मार्गदर्शन से किसी भी मंच पर सफलता हासिल की जा सकती है। इस उपलब्धि ने पूरे विद्यालय और उसके परिवार को गर्व महसूस कराया।
30 से अधिक देशों की सहभागिता, हिंदी का वैश्विक मंच
हिंदी ओलंपियाड फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में 30 से अधिक देशों के छात्र-छात्राओं और 8000 से अधिक विद्यालयों ने भाग लिया। प्रधानाचार्य मोहन द्विवेदी ने बताया कि यह ओलंपियाड विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से अनुमोदित है। उन्होंने कहा कि यह प्रतियोगिता छात्रों की हिंदी भाषा की समझ, बौद्धिक क्षमता और रचनात्मक सोच को परखने का महत्वपूर्ण अवसर है।

जी एम एकेडमी की बड़ी सफलता
ओलंपियाड के प्रथम चरण में जी एम एकेडमी के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल 13 स्वर्ण, 16 रजत और 8 कांस्य पदक अर्जित किए। यह सफलता विद्यार्थियों की लगन, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग का परिणाम है।

स्वर्ण पदक पाने वाले विद्यार्थी
स्वर्ण पदक प्राप्त करने वालों में नाव्या श्रीवास्तव (कक्षा 1), जीवा सिंह, अन्या यादव, वैदिश रौनियार, श्रीव पांडेय (कक्षा 2), प्रगति कुशवाहा (कक्षा 3), स्तुति (कक्षा 4), अक्षत तिवारी (कक्षा 5), अश्वनी (कक्षा 6), हिमांशु सिंह (कक्षा 7), खुशबू यादव (कक्षा 8), कृति गुप्ता (कक्षा 9) और सलोनी चौहान (कक्षा 10) शामिल हैं। इन विद्यार्थियों ने हिंदी भाषा की अच्छी समझ और अभ्यास का उत्कृष्ट परिचय दिया।

रजत और कांस्य पदक विजेताओं का योगदान
रजत पदक पाने वाले विद्यार्थियों में किंजल, अनन्या, समृद्धि, अभिनव, सौरभ, शिवांग, शाश्वत, सुफियान, सिवांश, अफ्सीन, उत्सव, शौर्य मणि, अनिका, यश, दिव्यांशी और आकाश प्रमुख हैं। इसके अलावा कई अन्य छात्र-छात्राओं ने कांस्य पदक अर्जित कर विद्यालय की सफलता में योगदान दिया। प्रत्येक प्रतिभागी ने इस सामूहिक सफलता में अपना अहम योगदान दिया।
प्रधानाचार्य ने दी बधाई और प्रोत्साहन
इस अवसर पर प्रधानाचार्य मोहन द्विवेदी ने सफल विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को मिठाई खिलाकर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता केवल पदकों की नहीं, बल्कि हिंदी भाषा के प्रति छात्रों की समझ, लगन और अनुशासन का प्रमाण है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को अगले चरण की परीक्षा के लिए और अधिक मेहनत और आत्मविश्वास के साथ तैयारी करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यालय के हिंदी शिक्षकों के योगदान की भी सराहना की।



शिक्षकों और समन्वयक की भूमिका
हिंदी ओलंपियाड के विद्यालय स्तरीय समन्वयक ज्ञानेंद्र मिश्र ने विद्यार्थियों को ओलंपियाड की संरचना, उद्देश्य और आगामी चरणों की जानकारी दी। इस सफलता में सच्चिदानंद पांडेय, धर्मेंद्र मिश्र, सीमा पांडेय, दिलीप कुमार सिंह, श्वेता राज, मुन्ना चौहान और प्रमोद कुमार सहित सभी शिक्षकों का मार्गदर्शन सराहनीय रहा।

प्रेरणा का स्रोत बनी जी एम एकेडमी
जी एम एकेडमी की यह उपलब्धि यह संदेश देती है कि सही मार्गदर्शन, मेहनत और अनुशासन से विद्यार्थी अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। यह सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी और हिंदी भाषा के वैश्विक सम्मान को और मजबूत करेगी।
